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पंचांग

दैनिक पंचांग

तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल, चौघड़िया और त्यौहार की तारीख़ें — स्विस-एफ़ेमेरिस की सटीकता के साथ स्थानीय रूप से गणना। निःशुल्क, बिना साइन-इन।

रविवार, 19 अप्रैल 2026

पंचांग के पाँच अंग

Shukla · Vaishakha
तिथि

Tritiya

12:32 pm तक

नक्षत्र

Krittika

09:40 am तक

योग

Ayushman

01:05 am तक

करण

Taitula

02:13 am तक

वार

Sunday

Vasant

चंद्र राशि

Aries

सूर्य राशि

Aries

अयन

Uttarayana

विक्रम संवत

2083

सूर्योदय

05:51 am

सूर्यास्त

06:49 pm

चंद्रोदय

06:48 am

चंद्रास्त

09:13 pm

अशुभ काल

महत्वपूर्ण कार्य न करें

राहु काल

05:11 pm – 06:49 pm

यमगण्ड

12:20 pm – 01:57 pm

गुलिक काल

03:34 pm – 05:11 pm

शुभ मुहूर्त

अभिजित

11:54 am – 12:46 pm

सर्व-विजय काल

ब्रह्म

04:23 am – 05:07 am

ध्यान के लिए श्रेष्ठ

गोवर्धन

01:57 pm – 03:34 pm

प्रातःकालीन भक्ति काल

अमृत कालम

03:12 am – 04:39 am

अति शुभ

वर्ज्यम

06:05 am – 07:32 am

त्यागें

चौघड़िया

दिन-रात के आठ मुहूर्त

दिन का चौघड़िया

Udveg05:51 am – 07:29 am
Chal07:29 am – 09:06 am
Labh09:06 am – 10:43 am
Amrit10:43 am – 12:20 pm
Kaal12:20 pm – 01:57 pm
Rog01:57 pm – 03:34 pm
Shubh03:34 pm – 05:11 pm
Udveg05:11 pm – 06:49 pm

रात का चौघड़िया

Shubh06:49 pm – 08:11 pm
Amrit08:11 pm – 09:34 pm
Chal09:34 pm – 10:57 pm
Rog10:57 pm – 12:20 am
Kaal12:20 am – 01:42 am
Labh01:42 am – 03:05 am
Udveg03:05 am – 04:28 am
Shubh04:28 am – 05:50 am

इस माह के त्यौहार और व्रत

  • Anvadhan

    Anvadhan refers to the ritual of replenishing or dedicating food and offerings to the deities, particularly after observing fasts or other rituals, seeking blessings for abundance.

    Lunar
  • Panguni Uthiram

    Panguni Uthiram, a significant Tamil festival, celebrates divine marriages like that of Lord Shiva and Goddess Parvati, marked by grand temple processions and vows taken by devotees seeking marital harmony.

    Solar

अप्रैल 2026

सो
मं
बु
गु
शु
123456789101112131415161718192021222324252627282930

New Delhi के लिए रविवार, 19 अप्रैल 2026 का पंचांग — वैदिक पंचांग आपको दिन की तिथि (चंद्र दिवस), नक्षत्र (चंद्र मंडल), योग, करण और वार के साथ-साथ सटीक सूर्योदय-सूर्यास्त समय दिखाता है। राहु काल, यमगण्ड और गुलिक के काल नये कार्यों के लिए त्यागने योग्य अशुभ अवधियाँ बताते हैं, जबकि अभिजित और ब्रह्म मुहूर्त दिन के सबसे शक्तिशाली शुभ क्षण हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग और राहु काल के बारे में जो कुछ भी आप जानना चाहते थे।

पंचांग क्या है?

पंचांग (शाब्दिक अर्थ "पाँच अंग") पारंपरिक वैदिक पंचांग है जो किसी भी दिन के पाँच मूल तत्वों को दर्ज करता है — तिथि (चंद्र दिवस), नक्षत्र (चंद्र मंडल), योग (सूर्य-चंद्र कोणीय संबंध), करण (अर्ध-तिथि) और वार (सप्ताह का दिन)। ये मिलकर दिन के ब्रह्मांडीय "स्वाद" का वर्णन करते हैं और धार्मिक अनुष्ठानों, त्यौहारों तथा व्यक्तिगत मील के पत्थरों के लिए शुभ समय का मार्गदर्शन करते हैं।

राहु काल क्या है और इसे अशुभ क्यों माना जाता है?

राहु काल लगभग 90 मिनट की अवधि है जो प्रत्येक दिन घटित होती है, जिस पर छाया ग्रह राहु का शासन है। नये कार्य, विवाह, यात्रा और महत्वपूर्ण लेन-देन परंपरागत रूप से इस अवधि में टाले जाते हैं। इसकी स्थिति वार के अनुसार घूमती है और स्थानीय सूर्योदय-सूर्यास्त से गणना की जाती है, इसलिए यह शहर-दर-शहर थोड़ी भिन्न होती है।

ये समय कैसे गणना किए जाते हैं?

Astro Power AI हर मान की गणना स्थानीय रूप से astronomy-engine के माध्यम से करता है, सायन स्थितियों के लिए लाहिरी अयनांश सुधार के साथ। सूर्योदय, सूर्यास्त, चंद्र कला, तिथि परिवर्तन और नक्षत्र परिवर्तन ग्रह ज्यामिति से सीधे प्राप्त होते हैं — कोई तृतीय-पक्ष API नहीं है, और सटीकता मानक एफ़ेमेरिस संदर्भों की तुलना में लगभग एक मिनट के भीतर रहती है।

चौघड़िया और मुहूर्त क्या हैं?

चौघड़िया दिन और रात को आठ-आठ बराबर भागों में बाँटता है, जिन्हें शुभ (अमृत, शुभ, लाभ) या अशुभ (उद्वेग, काल, रोग) के रूप में वर्गीकृत किया जाता है। अभिजित और ब्रह्म जैसे मुहूर्त महत्वपूर्ण कार्यों के लिए विशेष लघु अवधियाँ हैं — अभिजित (सूर्य के मध्याह्न के निकट) सार्वभौमिक रूप से विजयदायक माना जाता है, जबकि ब्रह्म मुहूर्त (सूर्योदय से लगभग 96 मिनट पूर्व) ध्यान और अध्ययन के लिए आदर्श है।

त्यौहार की तारीख़ें हर साल क्यों बदलती हैं?

अधिकांश हिंदू त्यौहार चांद्र-सौर पंचांग का अनुसरण करते हैं — वे एक विशेष मास (चंद्र मास) के भीतर विशिष्ट तिथियों से जुड़े होते हैं, स्थिर ग्रेगोरियन तिथियों से नहीं। चूँकि चंद्र मास सौर मास से छोटा होता है, त्यौहार की तारीख़ें हर साल बदलती हैं और पंचांग को ऋतुओं के साथ संरेखित रखने के लिए समय-समय पर एक अतिरिक्त मास (अधिक मास) जोड़ा जाता है।

क्या इसके लिए मुझे खाते की आवश्यकता है?

नहीं। पंचांग पृष्ठ पूर्णतः निःशुल्क है और बिना साइन-इन के काम करता है। साइन-इन केवल आपकी पूर्ण कुंडली, दशा-कालरेखा और AI-जनित अंतर्दृष्टि जैसी व्यक्तिगत सुविधाओं के लिए आवश्यक है।

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