विंशोत्तरी दशा क्या है?
विंशोत्तरी दशा वैदिक ज्योतिष की सबसे महत्वपूर्ण भविष्यवाणी प्रणाली है। यह 120 वर्षों का एक चक्र है जिसे नौ ग्रहों में विभाजित किया गया है। प्रत्येक ग्रह का एक निर्धारित अवधि होती है जिसके दौरान वह आपके जीवन पर अपना प्रभाव डालता है। यह दशा प्रणाली आपके जन्म नक्षत्र से शुरू होती है और आपके पूरे जीवन में चलती रहती है।
महादशा मुख्य ग्रह अवधि है, जबकि अंतर्दशा उसके भीतर एक छोटी अवधि है। ये दोनों मिलकर आपके वर्तमान जीवन परिस्थितियों को आकार देते हैं। वैदिक ज्योतिषी इस दशा को समझकर ही किसी व्यक्ति के भविष्य की सटीक भविष्यवाणी कर सकते हैं। यह केवल एक गणना नहीं है, बल्कि समय के प्रवाह को समझने का एक गहरा तरीका है।